Creative Author · रचनाकार
सचिन बिजनौरी
असिस्टेंट मैनेजर (Assistant Manager), किया इंडिया (Kia India), गुरुग्राम, हरियाणा, भारत
Published Creative Works · प्रकाशित रचनाएँ
Works by सचिन बिजनौरी
Poetry
तुम और वो
Volume 1 · Issue 1
September 2025 pp. 81
तुम दो लफ्ज कहते हो
और वो लफ़्ज सुनाना चाहती है
तुम किसी का आसरा मांगते हो
और वो बिन सहारे चलना चाहती है
तुम भरी आँखों से ख्बाब देखते हो
और वो उन्हे सच करना चाहती है
तुम समय को तकते हो
और वो समय मे ढलना चाहती है
तुम ता उम्र आराम चाहते हो
अोर वो थक कर सोना चाहती है
तुम खुद को अकेला रखना चाहते हो
और वो तुमको खुद मे बुनना चाहती है
तुम किसी पल हताश होते हो फिर भी
वो सदा मुस्कुराए रहना चाहती है
और खिलखिलाना चाहती है।
जीना चाहती है ! पल पल सभी को हँसाना चाहती है